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सुनन इब्न माजा

नंबर 2351

नंबर 2351किताब 13, नंबर 44
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ زِيَادِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ هِلاَلِ بْنِ أَبِي مَيْمُونَةَ، عَنْ أَبِي مَيْمُونَةَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم خَيَّرَ غُلاَمًا بَيْنَ أَبِيهِ وَأُمِّهِ وَقَالَ ‏ "‏ يَا غُلاَمُ هَذِهِ أُمُّكَ وَهَذَا أَبُوكَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that :the Prophet (ﷺ) gave a child the choice between his father and his mother (i.e., which parent to live with). He said: “O boy, this is your mother and this is your father.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Chapters on Rulings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।