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सुनन इब्न माजा

नंबर 2321

नंबर 2321किताब 13, नंबर 14
حَدَّثَنَا حَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى الْمِصْرِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ، أَنْبَأَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، عَنِ ابْنِ أَبِي مُلَيْكَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لَوْ يُعْطَى النَّاسُ بِدَعْوَاهُمُ ادَّعَى نَاسٌ دِمَاءَ رِجَالٍ وَأَمْوَالَهُمْ وَلَكِنِ الْيَمِينُ عَلَى الْمُدَّعَى عَلَيْهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Abbas that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“If the people were given what they claimed, some would have claimed the lives and property of men. But the one the claim is made against is obliged to swear an oath.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Chapters on Rulings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।