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सुनन इब्न माजा

नंबर 2306

नंबर 2306किताब 12, नंबर 170
حَدَّثَنَا عِصْمَةُ بْنُ الْفَضْلِ النَّيْسَابُورِيُّ، وَمُحَمَّدُ بْنُ فِرَاسٍ أَبُو هُرَيْرَةَ الصَّيْرَفِيُّ، قَالاَ حَدَّثَنَا حَرَمِيُّ بْنُ عُمَارَةَ، حَدَّثَنَا زَرْبِيٌّ، إِمَامُ مَسْجِدِ هِشَامِ بْنِ حَسَّانَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سِيرِينَ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، رضى الله عنه قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ الشَّاةُ مِنْ دَوَابِّ الْجَنَّةِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Umar that the Messenger of Allah (ﷺ) said:"Sheep are among the animals of Paradise
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih MuqufShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Chapters on Business Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।