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सुनन इब्न माजा

नंबर 2305

नंबर 2305किताब 12, नंबर 169
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ إِدْرِيسَ، عَنْ حُصَيْنٍ، عَنْ عَامِرٍ، عَنْ عُرْوَةَ الْبَارِقِيِّ، يَرْفَعُهُ قَالَ ‏ "‏ الإِبِلُ عِزٌّ لأَهْلِهَا وَالْغَنَمُ بَرَكَةٌ وَالْخَيْرُ مَعْقُودٌ فِي نَوَاصِي الْخَيْلِ إِلَى يَوْمِ الْقِيَامَةِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Urwah Al-Bariqi said in a Marfu’ report:"Camels are the pride of their owners, and sheep are a blessing, and goodness is tied to the forelocks of horses until the Day of Resurrection
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Chapters on Business Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।