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सुनन इब्न माजा

नंबर 2280

नंबर 2280किताब 12, नंबर 144
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنِ ابْنِ أَبِي نَجِيحٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ كَثِيرٍ، عَنْ أَبِي الْمِنْهَالِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ قَدِمَ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ وَهُمْ يُسْلِفُونَ فِي التَّمْرِ السَّنَتَيْنِ وَالثَّلاَثَ فَقَالَ ‏ "‏ مَنْ أَسْلَفَ فِي تَمْرٍ فَلْيُسْلِفْ فِي كَيْلٍ مَعْلُومٍ وَوَزْنٍ مَعْلُومٍ إِلَى أَجَلٍ مَعْلُومٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"When the Prophet (ﷺ) came (to Al-Madinah), they used to pay in advance for dates, two or three years in advance. He said: 'Whoever pays in advance for dates, let him pay for a known amount or a known weight, to be delivered at a known time.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Chapters on Business Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।