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सुनन इब्न माजा

नंबर 2279

नंबर 2279किताब 12, नंबर 143
حَدَّثَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَوْنٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي زَائِدَةَ، عَنْ إِسْرَائِيلَ، عَنْ رُكَيْنِ بْنِ الرَّبِيعِ بْنِ عَمِيلَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ مَسْعُودٍ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ مَا أَحَدٌ أَكْثَرَ مِنَ الرِّبَا إِلاَّ كَانَ عَاقِبَةُ أَمْرِهِ إِلَى قِلَّةٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn Mas'ud that the Prophet (ﷺ) said:"There is no one who deals in usury a great deal (to increase his wealth) but he will end up with little (i.e., his wealth will be decreased)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Chapters on Business Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।