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सुनन इब्न माजा

नंबर 2036

नंबर 2036किताब 10, नंबर 21
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنْ مُغِيرَةَ، عَنِ الشَّعْبِيِّ، قَالَ قَالَتْ فَاطِمَةُ بِنْتُ قَيْسٍ طَلَّقَنِي زَوْجِي عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ثَلاَثًا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ لاَ سُكْنَى لَكِ وَلاَ نَفَقَةَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Sha'bi said:Fatimah bint Qais said: “My husband divorced me at the time of the Messenger of Allah (ﷺ) three times. The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'You have no right to accommodation or to maintenance.'”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Chapters on Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।