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सुनन इब्न माजा

नंबर 649

नंबर 649किताब 1, नंबर 383
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا الْمُحَارِبِيُّ، عَنْ سَلاَّمِ بْنِ سُلَيْمٍ، - أَوْ سَلْمٍ شَكَّ أَبُو الْحَسَنِ وَأَظُنُّهُ هُوَ أَبُو الأَحْوَصِ - عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ وَقَّتَ لِلنُّفَسَاءِ أَرْبَعِينَ يَوْمًا إِلاَّ أَنْ تَرَى الطُّهْرَ قَبْلَ ذَلِكَ ‏.‏
It was narrated that Anas said:"The Messenger of Allah set the time for postnatal bleeding at forty days, except for one who becomes pure before that
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Very DaifAl-Albani
  • Very DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।