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सुनन इब्न माजा

नंबर 511

नंबर 511किताब 1, नंबर 245
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ تَوْبَةَ، حَدَّثَنَا زِيَادُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا الْفَضْلُ بْنُ مُبَشِّرٍ، قَالَ رَأَيْتُ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ يُصَلِّي الصَّلَوَاتِ بِوُضُوءٍ وَاحِدٍ ‏.‏ فَقُلْتُ مَا هَذَا فَقَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَصْنَعُ هَذَا فَأَنَا أَصْنَعُ كَمَا صَنَعَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏.‏
Fadl bin Mubashshir said:"I saw Jabir bin 'Abdullah performing every prayer with one ablution, and I said: 'What is this?' He said: 'I saw the Messenger of Allah doing this, and I am doing as the Messenger of Allah did
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Sahih LighairihiMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।