सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 509

नंबर 509किताब 1, नंबर 243
حَدَّثَنَا سُوَيْدُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ عَمْرِو بْنِ عَامِرٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَتَوَضَّأُ لِكُلِّ صَلاَةٍ وَكُنَّا نَحْنُ نُصَلِّي الصَّلَوَاتِ كُلَّهَا بِوُضُوءٍ وَاحِدٍ ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik said:"The Messenger of Allah used to perform ablution for every prayer, and we used to perform all of the prayers with one ablution
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।