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सुनन इब्न माजा

नंबर 477

नंबर 477किताब 1, नंबर 211
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُصَفَّى الْحِمْصِيُّ، حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ، عَنِ الْوَضِينِ بْنِ عَطَاءٍ، عَنْ مَحْفُوظِ بْنِ عَلْقَمَةَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَائِذٍ الأَزْدِيِّ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ الْعَيْنُ وِكَاءُ السَّهِ فَمَنْ نَامَ فَلْيَتَوَضَّأْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Ali bin Abu Talib that:The Messenger of Allah said: "The eye is the leather strap (that ties up) the anus, so whoever falls asleep, let him perform ablution
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sanad DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।