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सुनन इब्न माजा

नंबर 476

नंबर 476किताब 1, नंबर 210
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَامِرِ بْنِ زُرَارَةَ، عَنِ ابْنِ أَبِي زَائِدَةَ، عَنْ حُرَيْثِ بْنِ أَبِي مَطَرٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ عَبَّادٍ أَبِي هُبَيْرَةَ الأَنْصَارِيِّ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ كَانَ نَوْمُهُ ذَلِكَ وَهُوَ جَالِسٌ ‏.‏ يَعْنِي النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"He would sleep like that while he was sitting up
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • MunkarAl-Albani
  • MunkarMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।