حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَقِيلِ بْنِ خُوَيْلِدٍ، حَدَّثَنِي حَفْصُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ طَهْمَانَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ ذَكْوَانَ، عَنْ يَعْلَى بْنِ حَكِيمٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ عَدَلَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ إِلَى الشِّعْبِ فَبَالَ حَتَّى أَنِّي آوِي لَهُ مِنْ فَكِّ وَرِكَيْهِ حِينَ بَالَ .
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"The Messenger of Allah turned towards a mountain pass and urinated, until I took pity on him because of the way he parted his legs when he urinated
स्रोत में दर्ज दर्जे
DaifAl-Albani
DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
DaifShuaib Al Arnaut
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।