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सुनन इब्न माजा

नंबर 340

नंबर 340किताब 1, नंबर 74
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا أَبُو النُّعْمَانِ، حَدَّثَنَا مَهْدِيُّ بْنُ مَيْمُونٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَبِي يَعْقُوبَ، عَنِ الْحَسَنِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ جَعْفَرٍ، قَالَ كَانَ أَحَبَّ مَا اسْتَتَرَ بِهِ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ لِحَاجَتِهِ هَدَفٌ أَوْ حَائِشُ نَخْلٍ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah bin Ja'far said:"The thing that the Prophet most liked to conceal himself behind when relieving himself was a hillock or a stand of date-palm trees
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।