सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 334

नंबर 334किताब 1, नंबर 68
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ الْقَطَّانُ، عَنْ أَبِي جَعْفَرٍ الْخَطْمِيِّ، - قَالَ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَاسْمُهُ عُمَيْرُ بْنُ يَزِيدَ - عَنْ عُمَارَةَ بْنِ خُزَيْمَةَ، وَالْحَارِثِ بْنِ فُضَيْلٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي قُرَادٍ، قَالَ حَجَجْتُ مَعَ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَذَهَبَ لِحَاجَتِهِ فَأَبْعَدَ ‏.‏
It was narrated that 'Abdur-Rahman bin Abu Qurad said:"I went for Hajj with the Prophet and he went far away to relieve himself
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।