حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ إِسْحَاقَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ الْمُحَارِبِيُّ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ بْنِ مُسْلِمٍ، عَنِ الْحَسَنِ، وَقَتَادَةَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ كَانَ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ إِذَا خَرَجَ مِنَ الْخَلاَءِ قَالَ " الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَذْهَبَ عَنِّي الأَذَى وَعَافَانِي " .
It was narrated that Anas bin Malik said:"Whenever the Prophet exited the toilet, he would say: 'Al-hamdu lillahilladhi adhhaba 'annial-adha wa 'afani (Praise is to Allah Who has relieved me of impurity and given me good health)
स्रोत में दर्ज दर्जे
DaifAl-Albani
DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।