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सुनन इब्न माजा

नंबर 300

नंबर 300किताब 1, नंबर 34
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي بُكَيْرٍ، حَدَّثَنَا إِسْرَائِيلُ، حَدَّثَنَا يُوسُفُ بْنُ أَبِي بُرْدَةَ، سَمِعْتُ أَبِي يَقُولُ، دَخَلْتُ عَلَى عَائِشَةَ فَسَمِعْتُهَا تَقُولُ، كَانَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ إِذَا خَرَجَ مِنَ الْغَائِطِ قَالَ ‏ "‏ غُفْرَانَكَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو الْحَسَنِ بْنُ سَلَمَةَ وَأَخْبَرَنَا أَبُو حَاتِمٍ، حَدَّثَنَا أَبُو غَسَّانَ النَّهْدِيُّ، حَدَّثَنَا إِسْرَائِيلُ، نَحْوَهُ ‏.‏
Yusuf bin Abi Burdah narrated:"I heard my father say: 'I entered upon 'Aishah, and I heard her say: "When the Messenger of Allah exited the toilet, he would say: Ghufranaka (I seek Your forgiveness).'" (Sahih) Another chain with similar wording
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।