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सुनन इब्न माजा

नंबर 291

नंबर 291किताब 1, नंबर 25
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْعَزِيزِ، حَدَّثَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا بَحْرُ بْنُ كَنِيزٍ، عَنْ عُثْمَانَ بْنِ سَاجٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ، قَالَ إِنَّ أَفْوَاهَكُمْ طُرُقٌ لِلْقُرْآنِ فَطَيِّبُوهَا بِالسِّوَاكِ ‏.‏
It was narrated that 'Ali bin Abu Talib said:"Your mouths are the paths of the Qur'an, so perfume them with the tooth stick
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।