حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنِ الْمِقْدَامِ بْنِ شُرَيْحِ بْنِ هَانِئٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَ قُلْتُ أَخْبِرِينِي بِأَىِّ، شَىْءٍ كَانَ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَبْدَأُ إِذَا دَخَلَ عَلَيْكِ قَالَتْ كَانَ إِذَا دَخَلَ يَبْدَأُ بِالسِّوَاكِ .
It was narrated from Miqdam bin Shuraih bin Hani' that his father said:"I said to 'Aishah: 'Tell me, what was the first thing that the Messenger of Allah did when he entered upon you?' She said: 'The first thing he would do would be to use the tooth stick
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
SahihShuaib Al Arnaut
Sahih MuslimZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।