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सुनन इब्न माजा

नंबर 125

नंबर 125किताब 0, नंबर 125
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، وَعَمْرُو بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الأَوْدِيُّ، قَالاَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، حَدَّثَنَا الصَّلْتُ الأَزْدِيُّ، حَدَّثَنَا أَبُو نَضْرَةَ، عَنْ جَابِرٍ، أَنَّ طَلْحَةَ، مَرَّ عَلَى النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَقَالَ ‏ "‏ شَهِيدٌ يَمْشِي عَلَى وَجْهِ الأَرْضِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Jabir that:Talhah passed by the Prophet and he said: "A martyr walking upon the face of the earth
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Very DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।