नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने सपने में देखा कि आप स्वर्ग में हैं, अतः, आपने बिलाल बिन रबाह (रज़ियल्लाहु अन्हु) से कहा : मुझे इस्लाम में किए गए सबसे उम्मीद भरे स्वैच्छिक कार्य के बारे में बताओ? मैंने स्वर्ग में मेरे सामने चलते समय तुम्हारे जूते की आवाज़ सुनी है। अतः बिलाल रज़ियल्लाहु अनहु ने उत्तर दिया : मैंने इससे अधिक आशा वाला काम कुछ नहीं किया है कि दिन हो या रात, जब भी मेरा वज़ू टूटा, मैंने वज़ू कर लिया, फिर उस वज़ू से उतनी नफ़ल नमाज़ पढ़ी, जितनी मेरे नसीब में लिखी थी।
- बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु द्वारा बताए गए इस अमल की फ़ज़ीलत कि जब कोई वज़ू करे तो नमाज़ पढ़े। यह अमल सबसे ज़्यादा आशा दिलाने वाले कर्मों में से और जन्नत में प्रवेश का कारण है।
- हर वज़ू के बाद नमाज़ पढ़ना मुस्तहब है।
- आदर्श या शिक्षक का अपने शिष्य के कर्म के बारे में पूछना, ताकि यदि अच्छा हो, तो उसपर दृढ़ रहने के लिए प्रोत्साहित करे, अन्यथा उससे रोके।
- नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ओर से इस बात की गवाही कि बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु जन्नती हैं।
- यह प्रश्न फ़ज्र की नमाज़ के समय किया गया, जिसमें इस बात की ओर संकेत है कि यह आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के एक स्वप्न में हुआ था, और अंबिया के स्वप्न सच्चे होते हैं।
صحيح البخاري (2/ 53) (1149). صحيح مسلم (4/ 1910) (2458). عمدة القاري شرح صحيح البخاري (7/ 206). إرشاد الساري لشرح صحيح البخاري (2/ 326).