अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि जिसने किसी क़र्ज़दार को मोहलत दी या उसे क़र्ज़ का कुछ भाग माफ़ कर दिया, उसका प्रतिफल यह है कि क़यामत के दिन, जब सूरज बंदों के सरों के निकट आ जाएगा और गर्मी बड़ी सख़्त होगी, अल्लाह उसे अपनी अर्श की छाया के नीचे जगह देगा। उस दिन हालत यह होगी कि छाया उसी को नसीब होगी, जिसे अल्लाह प्रदान करेगा।
- अल्लाह के बंदों के साथ आसानी करने की फ़ज़ीलत और इसका क़यामत के दिन की भयावहता से नजात का सबब होना।
- अल्लाह बंदे को प्रतिफल उसी कोटि का देता है, जिस कोटि का उसका अमल रहता है।
سنن الترمذي (2/ 575) (1306). مسند أحمد (14/ 329) (8711). كنوز رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (16/ 412). بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، لسليم الهلالي (2/ 459). فيض القدير شرح الجامع الصغير، للمناوي (6/ 89). نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (2/ 947).