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तशरीह के साथ हदीसें

मदीने की गुज़रगाहों पर फरिश्ते नियुक्त हैं, यहाँ न ताऊन प्रवेश कर सकता है, न दज्जाल

عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «على أَنْقَابِ المدينةِ ملائكةٌ لا يدخلُها الطَّاعونُ، ولا الدَّجَّالُ».
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: मदीने की गुज़रगाहों पर फरिश्ते नियुक्त हैं, यहाँ न ताऊन प्रवेश कर सकता है, न दज्जाल।
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह

अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने इस हदीस में मदीने की एक फ़ज़ीलत यह बताई है कि उसके सभी प्रवेश स्थानों एवं मार्गों में फ़रिश्ते उपस्थित रहते हैं, जो उसकी पहरेदारी करते हैं। अतः उसमें ताऊन, जो एक तेज़ी से फैलने वाली संक्रामक महामारी है और जिसके कारण बड़ी संख्या में मृत्यु होती है, प्रवेश नहीं करता और उसमें काना दज्जाल भी प्रवेश नहीं करेगा।

हवाला

-صحيح البخاري، نشر: دار طوق النجاة (مصورة عن السلطانية بإضافة ترقيم محمد فؤاد عبد الباقي)، الطبعة: الأولى، 1422هـ. -صحيح مسلم، تحقيق: محمد فؤاد عبد الباقي، نشر: دار إحياء التراث العربي - بيروت. -عمدة القاري شرح صحيح البخاري، لمحمود بن أحمد بن موسى الحنفى بدر الدين العينى، الناشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت. -إرشاد الساري لشرح صحيح البخاري، لأحمد بن محمد بن أبى بكر بن عبد الملك القسطلاني القتيبي المصري، الناشر: المطبعة الكبرى الأميرية، مصر، الطبعة: السابعة، 1323 هـ. -المنهاج شرح صحيح مسلم بن الحجاج، للنووي، نشر: دار إحياء التراث العربي - بيروت، الطبعة: الثانية، 1392ه. -شرح صحيح البخاري لابن بطال، تحقيق: أبي تميم ياسر بن إبراهيم، نشر: مكتبة الرشد، الرياض-السعودية، الطبعة: الثانية 1423هـ، 2003م.

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क़यामत की निशानयाँ

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