अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने बताया है कि जब कोई बंदा मर जाता है, तो दिन की शुरुआत और अंत में उसे जन्नत और जहन्नम में उसका स्थान और उसके लिए तैयार की गई व्यवस्थाएँ दिखाई जाती हैं। यदि वह जन्नत वालों में से है तो उसे उसका स्थान जन्नत में दिखाया जाता है और यदि वह जहन्नम वालों में से है तो उसे उसका स्थान जहन्नम में दिखाया जाता है। उससे कहा जाता है : यही तुम्हारा वह ठिकाना है, जहाँ तुमको क़यामत के दिन उठाकर भेजा जाएगा। और ऐसा मोमिन को खुशी प्रदान करने और काफ़िर को यातना देने के लिए किया जाता है।
- क़ब्र का अज़ाब तथा उसकी नेमत दोनों हक़ हैं।
- इब्न-ए-हजर कहते हैं : इस हदीस से स्पष्ट है कि धर्मीशील विश्वासी के सामने जन्नत तथा अविश्वासी के सामने जहन्नम को प्रस्तुत किया जाएगा। लेकिन ऐसे मोमिन का क्या होगा, जो गुनाह भी कर लेता हो? तो हो सकता है कि उसके सामने भी जहन्नम को प्रस्तुत किया जाए, जहाँ उसे अंततः पहुँचना है।
صحيح البخاري (2/ 99-100) (1379). صحيح مسلم (4/ 2199) (2866). عمدة القاري شرح صحيح البخاري، لبدرالدين العيني (8/ 209). التنوير شرح الجامع الصغير، لمحمد الصنعاني (2/ 209). الإفصاح عن معاني الصحاح، ليحيى بن هبيرة (4/ 131).