अल्लाह ने कहा : जब मेरा बंदा मुझसे एक बालिश्त निकट आता है, तो मैं उससे एक हाथ निकट होता हूँ और जब वह मुझसे एक हाथ निकट आता है, तो मैं उससे दोनों हाथों के फैलाव के समान निकट होता हूँ और जब वह मुझसे दोनों हाथों के फैलाव के समान निकट आता है, तो मैं उसकी ओर और तेज़ी से बढ़ता हूँ।
عن أبي هريرة رضي الله عنه مرفوعاً: «إنَّ اللهَ قال: إذا تَلَقَّاني عبدي بشِبر، تَلَقَّيْتُه بذِراع، وإذا تَلَقَّاني بذراع، تَلَقَّيْتُه ببَاع، وإذا تَلَقَّاني بباع أتيتُه بأسرع».
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “अल्लाह ने कहा : जब मेरा बंदा मुझसे एक बालिश्त निकट आता है, तो मैं उससे एक हाथ निकट होता हूँ और जब वह मुझसे एक हाथ निकट आता है, तो मैं उससे दोनों हाथों के फैलाव के समान निकट होता हूँ और जब वह मुझसे दोनों हाथों के फैलाव के समान निकट आता है, तो मैं उसकी ओर और तेज़ी से बढ़ता हूँ।"
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला
صحيح مسلم، تحقيق: محمد فؤاد عبد الباقي، نشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت.
معجم اللغة العربية المعاصرة، للدكتور أحمد مختار عبد الحميد عمر بمساعدة فريق عمل، الناشر: عالم الكتب، الطبعة: الأولى، 1429 هـ - 2008 م.
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com
अल्लाह ने कहा : जब मेरा बंदा मुझसे एक बालिश्त निकट आता है, तो मैं उससे एक हाथ निकट होता हूँ और जब वह मुझसे एक हाथ निकट आता है, तो मैं उससे दोनों हाथों के फैलाव के समान निकट होता हूँ और जब वह मुझसे दोनों हाथों के फैलाव के समान निकट आता है, तो मैं उसकी ओर और तेज़ी से बढ़ता हूँ। · तशरीह के साथ हदीसें · सबील