نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، نشر: مؤسسة الرسالة، الطبعة: الرابعة عشر، 1407هـ - 1987م. دليل الفالحين لطرق رياض الصالحين، لابن علان، نشر دار الكتاب العربي، بدون تاريخ. بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، للهلالي، نشر: دار ابن الجوزي. الطبعة الأولى 1418هـ. صحيح البخاري، نشر: دار طوق النجاة (مصورة عن السلطانية بإضافة ترقيم ترقيم محمد فؤاد عبد الباقي)، الطبعة: الأولى 1422هـ. صحيح مسلم، تحقيق: محمد فؤاد عبد الباقي، نشر: دار إحياء التراث العربي، بيروت.
तशरीह के साथ हदीसें
पवित्र एवं सर्वशक्तिमान अल्लाह ऐसे दो आदमियों को देखकर हँसता है, जिनमें से एक व्यक्ति दूसरे को क़त्ल करता है और (फिर भी) दोनों जन्नत में प्रवेश कर जाते हैं। उनमें से एक तो अल्लाह की राह में लड़ता हुआ शहीद होता है तथा क़ातिल को अल्लाह तौबा की तौफ़ीक़ देता है और वह मुसलमान हो जाता है तथा (बाद में) शहीद हो जाता है।
عن أبي هريرة رضي الله عنه أن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: «يضحكُ اللهُ سبحانه وتعالى إلى رجلين يقتلُ أحدُهما الآخرَ يدخلانِ الجنةَ، يقاتلُ هذا في سبيل الله فيُقْتَلُ، ثم يتوبُ اللهُ على القاتلِ فيُسْلِمُ فَيُسْتَشْهَدُ».
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “पवित्र एवं सर्वशक्तिमान अल्लाह ऐसे दो आदमियों को देखकर हँसता है, जिनमें से एक व्यक्ति दूसरे को क़त्ल करता है और (फिर भी) दोनों जन्नत में प्रवेश कर जाते हैं। उनमें से एक तो अल्लाह की राह में लड़ता हुआ शहीद होता है तथा क़ातिल को अल्लाह तौबा की तौफ़ीक़ देता है और वह मुसलमान हो जाता है तथा (बाद में) शहीद हो जाता है।”
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com