सीधे कंटेंट पर जाएँ
तशरीह के साथ हदीसें

मैं अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आया तो आपको बुख़ार था। मैंने आपके शरीर पर हाथ रखा।

عن ابن مسعود رضي الله عنه قال: دخلتُ على النبيِّ صلى الله عليه وسلم وهو يُوعَكُ، فَمَسَسْتُهُ، فقلتُ: إنّكَ لَتُوعَكُ وَعَكًا شَدِيدًا، فقالَ: «أجَلْ، إنِّي أُوعَكُ كما يُوعَكُ رَجُلانِ منكُم».
अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि मैं अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आया तो आपको बुख़ार था। मैंने आपके शरीर पर हाथ रखा और कहाः आपको तो बड़ा तीव्र बुख़ार है। तो फ़रमायाः मुझे तुम्हारे जैसे दो व्यक्तियों के बराबर बुख़ार आता है।
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह

अब्दुल्लाह बिन मसऊद -रज़ियल्लाहु अनहु- कहते हैं कि वह अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास उस समय पहुँचे जब आपकी बीमारी बढ़ चुकी थी और आप कष्ट में थे। उन्होंने अपना हाथ बढ़ाया और आपसे कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! आपकी बीमारी तो काफ़ी बढ़ चुकी है। तो आपने बताया कि आपको बीमारी की उतनी भीषणता का सामना होता है, जितने का सामना हममें से दो व्यक्तियों को होता है। ऐसा इसलिए, ताकि आप -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को सब्र के सबसे ऊँचे दर्जे प्राप्त हों।

हवाला

بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، تأليف سليم الهلالي، دار ابن الجوزي. تطريز رياض الصالحين، تأليف فيصل آل مبارك، تحقيق د. عبدالعزيز آل حمد، دار العاصمة، الرياض، الطبعة الأولى، 1423هـ. رياض الصالحين من كلام سيد المرسلين، للإمام أبي زكريا النووي، تحقيق د. ماهر الفحل، دار ابن كثير، دمشق، الطبعة الأولى، 1428هـ. شرح رياض الصالحين، للشيخ محمد بن صالح العثيمين، مدار الوطن - الرياض، 1426هـ. صحيح البخاري، للإمام أبي عبدالله محمد بن إسماعيل البخاري، عناية محمد زهير الناصر، دار طوق النجاة، الطبعة الأولى، 1422هـ. صحيح مسلم، للإمام مسلم بن الحجاج، حققه ورقمه محمد فؤاد عبدالباقي، دار عالم الكتب - الرياض، الطبعة الأولى، 1417هـ. كنوز رياض الصالحين، فريق علمي برئاسة أ.د. حمد العمار، دار كنوز إشبيليا -الرياض، الطبعة الأولى، 1430هـ. نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، تأليف د. مصطفى الخِن وغيره، مؤسسة الرسالة - بيروت، الطبعة الرابعة عشر، 1407هـ.

यह हदीस HadeethEnc.com पर
नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की विशेषताएँ

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com