صحيح مسلم، المحقق: محمد فؤاد عبد الباقي - الناشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت. مسند أحمد بن حنبل، لأبي عبد الله أحمد بن محمد بن حنبل، تحقيق أبو المعاطي النوري، عالم الكتب. نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، تأليف د/ مصطفى الخن، د/ مصطفى البغا، محيي الدين مستو، علي الشربجي، محمد أمين لطفي، مؤسسة الرسالة، ط: الرابعة عشر1407هـ. دليل الفالحين لطرق رياض الصالحين، تأليف محمد علي بن محمد علان. بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، تأليف سليم بن عيد الهلالي، دار ابن الجوزي. كنوز رياض الصالحين، تأليف حمد بن ناصر العمار، دار كنوز إشبيليا، ط1-1430هـ.
तशरीह के साथ हदीसें
क्या अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने आपके लिए क्षमायाचना की है? उन्होंने कहा : हाँ, और तुम्हारे लिए भी! फिर यह आयत पढ़ी : {अपने गुनाहों की क्षमायाचना कीजिए तथा मोमिन मर्दों और मोमिन स्त्रियों के लिए भी।}
عن عاصم الأحول، عن عبد الله بن سَرْجِسَ رضي الله عنه قال: قلت لرسول الله صلى الله عليه وسلم : يا رسول الله، غفر الله لك، قال: «ولك». قال عاصم: فقلت له: أستغفر لك رسول الله صلى الله عليه وسلم ؟ قال: نعم ولك، ثم تلا هذه الآية: {واستغفر لذنبك وللمؤمنين والمؤمنات}.
आसिम अहवल का वर्णन है कि अब्दुल्लाह बिन सर्जिस (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से कहा : ऐ अल्लाह के रसूल, अल्लाह आपको क्षमा करे! यह सुन आपने फ़रमाया : "और तुम्हें भी।" आसिम कहते हैं कि मैंने अब्दुल्लाह (रज़ियल्लाहु अन्हु) से कहा : क्या अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने आपके लिए क्षमायाचना की है? उन्होंने कहा : हाँ, और तुम्हारे लिए भी! फिर यह आयत पढ़ी : {अपने गुनाहों की क्षमायाचना कीजिए तथा मोमिन मर्दों और मोमिन स्त्रियों के लिए भी।}
इसे नसाई ने रिवायत किया है। - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com