बरा बिन आज़िब (रज़ियल्लाहु अनहुमा) कहते हैं कि मैंने किसी लंबे बाल वाले लाल जोड़ा पहने व्यक्ति को अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से अधिक सुंदर नहीं देखा। आपके बाल कंधों को छू रहे होते थे। आपके दो कंधों के बीच फ़ासला था। आप न छोटे क़द के थे, न अधिक लंबे क़द के।
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह
बरा बिन आज़िब (रज़ियल्लाहु अंहुमा) ने इस हदीस में अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की एक ऐसी विशेषता बयान की है, जो आपके सौंदर्य का प्रमाण प्रस्तुत करती है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं देखा, जिसके बाल उसकी कर्णपाली तक पहुँचे हुए हों और वह लाल जोड़े में अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से अधिक सुंदर दिखता हो। फिर आपकी कुछ विशेषताएँ बताते हुए बोले कि आपके दोनों कंधों के बीच में (सुंदरता अनुसार उचित) दूरी थी। आप न अधिक लंबे थे कि बेढब दिखें और न इतने नाटे कि ऐब शुमार हो।
हवाला
صحيح البخاري (4/ 188) (3551).
صحيح مسلم (4/ 1818) (2337).
تيسير العلام شرح عمدة الأحكام، لعبد الله البسام (ص730).
عن أنس رضي الله عنه ، قَالَ: مَا مَسِسْتُ دِيبَاجاً وَلاَ حَرِيراً ألْيَنَ مِنْ كَفِّ رسولِ اللهِ صلى الله عليه وسلم ، وَلاَ شَمَمْتُ رَائِحَةً قَطُّ أطْيَبَ مِنْ رَائِحَةِ رسولِ اللهِ صلى الله عليه وسلم ، وَلَقَدْ خدمتُ رسول اللهِ صلى الله عليه وسلم عَشْرَ سنين، فما قَالَ لي قَطُّ: أُفٍّ، وَلاَ قَالَ لِشَيءٍ فَعَلْتُهُ: لِمَ فَعَلْتَه؟، وَلاَ لشَيءٍ لَمْ أفعله: ألاَ فَعَلْتَ كَذا؟.
अनस (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि मैंने किसी ऐसे मोटे और महीन रेशम को नहीं छुआ है, जो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की हथेली से अधिक मुलायम हो और न ही ऐसी खुश्बू सूंघी है, जो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के शरीर की ख़ुश्बू से अधिक सुगंधित हो। मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की दस साल तक सेवा की है लेकिन कदापि आप ने मुझे ओह तक नहीं कहा और न ही मैंने कोई काम किया, तो उस पर फ़रमाया कि तुम ने अमुक काम क्यों किया? और मेरे किसी कार्य के न करने पर यह नहीं कहा कि तुम ने ऐसा क्यों नहीं किया?
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला
بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين؛ تأليف سليم الهلالي، دار ابن الجوزي.
رياض الصالحين من كلام سيد المرسلين؛ للإمام أبي زكريا النووي، تحقيق د. ماهر الفحل، دار ابن كثير-دمشق، الطبعة الأولى، 1428هـ.
شرح رياض الصالحين؛ للشيخ محمد بن صالح العثيمين، مدار الوطن-الرياض، 1426هـ.
صحيح البخاري –الجامع الصحيح-؛ للإمام أبي عبدالله محمد بن إسماعيل البخاري، عناية محمد زهير الناصر، دار طوق النجاة، الطبعة الأولى، 1422هـ.
صحيح مسلم؛ للإمام مسلم بن الحجاج، حققه ورقمه محمد فؤاد عبدالباقي، دار عالم الكتب-الرياض، الطبعة الأولى، 1417هـ.
كنوز رياض الصالحين؛ فريق علمي برئاسة أ.د. حمد العمار، دار كنوز إشبيليا-الرياض، الطبعة الأولى، 1430هـ.
نزهة المتقين شرح رياض الصالحين؛ تأليف د. مصطفى الخِن وغيره، مؤسسة الرسالة-بيروت، الطبعة الرابعة عشر، 1407هـ.
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com