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तशरीह के साथ हदीसें

लोगों पर एक ऐसा ज़माना अवश्य आएगा कि उस समय आदमी सोने का सदक़ा निकालकर घूम रहा होगा, लेकिन कोई लेने वाला नहीं पाएगा और देखा जाएगा कि एक पुरुष के अंतर्गत चालीस स्त्रियाँ होंगी, जो उसकी शरण ली हुई होंगी। ऐसा पुरुष की कमी और स्त्रियों की अधिकता के कारण होगा।

عن أبي موسى الأشعري رضي الله عنه أن النبي صلى الله عليه وسلم قال: «لَيَأْتِيَنَّ على الناس زمانٌ يَطُوفُ الرجلُ فيه بالصدقة من الذهب فلا يجد أحدا يأخذها منه، ويُرَى الرجلُ الواحدُ يَتْبَعُهُ أربعون امرأة يَلُذْنَ به من قِلَّةِ الرجال وكَثْرَةِ النساء».
अबू मूसा अशअरी- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "लोगों पर एक ऐसा ज़माना अवश्य आएगा कि उस समय आदमी सोने का सदक़ा निकालकर घूम रहा होगा, लेकिन कोई लेने वाला नहीं पाएगा और देखा जाएगा कि एक पुरुष के अंतर्गत चालीस स्त्रियाँ (बेटियाँष बहनें आदि) होंगी, जो उसकी शरण ली हुई होंगी। ऐसा पुरुष की कमी और स्त्रियों की अधिकता के कारण होगा।"
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला

نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، نشر: مؤسسة الرسالة، الطبعة: الرابعة عشر، 1407هـ - 1987م. بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، للهلالي، نشر: دار ابن الجوزي. صحيح البخاري، نشر: دار طوق النجاة (مصورة عن السلطانية بإضافة ترقيم محمد فؤاد عبد الباقي)، الطبعة: الأولى، 1422هـ. صحيح مسلم، تحقيق: محمد فؤاد عبد الباقي، نشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت.

यह हदीस HadeethEnc.com पर
अंतिम दिवस पर ईमान

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com