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तशरीह के साथ हदीसें

एक से अधिक पत्नियाँ रखना

1 हदीसें

न दी हुई चीज़ को ज़ाहिर करने वाला ऐसा है, जैसे किसी ने झूठ का जोड़ा पहन रखा हो।

عن أسماء رضي الله عنها : أن امرأة قالت: يا رسول الله، إن لي ضَرَّةً فهل علي جُناح إن تشبَّعْتُ من زوجي غير الذي يعطيني؟ فقال النبي صلى الله عليه وسلم : «المُتَشَبِّعُ بما لم يُعطَ كلابس ثَوْبَي زُورٍ».
असमा -रज़ियल्लाहु अन्हा- से रिवायत है कि एक औरत ने रसूलुल्लाह -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! मेरी एक सौतन है। अगर मैं उसका दिल जलाने के लिए उसके सामने किसी चीज़ के मिलने का इज़हार करूँ, जो मेरे पति ने मुझे नहीं दी है, तो क्या मुझे गुनाह होगा? तो रसूलुल्लाह -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फरमाया : "न दी हुई चीज़ को ज़ाहिर करने वाला ऐसा है, जैसे किसी ने झूठ का जोड़ा पहन रखा हो।"
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला

1-رياض الصالحين للنووي، تحقيق: ماهر الفحل، دار ابن كثير.دمشق.ط1 .2007م. 2-صحيح مسلم، بتحقيق محمد فؤاد عبد الباقي، دار إحياء التراث العربي/بيروت. 3-صحيح البخاري، بترقيم محمد فؤاد عبد الباقي. 4-دليل الفالحين لطرق رياض الصالحين، لابن علان، دار الكتاب العربي/بيروت. 5-نزهة المتقين شرح رياض الصاحين، شرح الدكتور مصطفى الخن وآخرين، مؤسسة الرسالة، ط.1 1987م. 6-كنوز رياض الصالحين، المجلس العلمي كنوز دار إشبيليا، الرياض.ط1. 2009م.

यह हदीस HadeethEnc.com पर

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