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तशरीह के साथ हदीसें

हमारे और अह्ले किताब के रोज़ों में अंतर, सहरी खाना है।

عن عمرو بن العاص رضي الله عنه أن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: «فَصْلُ مَا بَيْنَ صِيَامِنَا وصِيَامِ أهْلِ الكِتَابِ، أكْلَةُ السَّحَرِ».
अम्र बिन आस (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः हमारे और अह्ले किताब (यहूदी और ईसाई) के रोज़ों में अंतर सहरी खाना है।
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह

इस हदीस में अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने हमारे और यहूदियों एवं ईसाइयों के रोज़ों का एक स्पष्ट अंतर बताया है। यह अंतर है वह खाना, जो मुसलमान सहरी के समय खाते हैं। क्योंकि अह्ल-ए-किताब सहरी नहीं करते और मुसलमानों के लिए अह्ल-ए-किताब की मुख़ालफ़त और सुन्नत के अनुपालन में सहरी करना मुसतहब है। इसमें बरकत एवं भलाई भी है, जैसा कि सुन्नत से साबित है। अह्ल-ए-किताब रोज़े का आरंभ आधी रात से करते हैं। वे आधी रात से पहले खा लेते हैं और सहरी के समय कुछ नहीं खाते। ज्ञात हो कि मुसलमानों एवं काफ़िरों के बीच अंतर शरीयत में एक वांछित वस्तु है।

हवाला

- شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين، نشر: دار الوطن للنشر، الرياض، الطبعة: 1426ه. - رياض الصالحين، للنووي، تحقيق: ماهر الفحل، دار ابن كثير - بيروت، الطبعة الأولى، 1428ه- 2007م. - صحيح مسلم, ترقيم محمد فؤاد عبد الباقي, دار إحياء التراث العربي, بيروت. - نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين, مؤسسة الرسالة, الطبعة الرابعة عشر, 1407ه. - كنوز رياض الصالحين، نشر: دار كنوز إشبيليا، الطبعة الأولى، 1430ه - 2009م. - بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، لسليم الهلالي، ط1، دار ابن الجوزي، الدمام، 1415ه. - المنهاج شرح صحيح مسلم بن الحجاج، للنووي، دار إحياء التراث العربي - بيروت، الطبعة الثانية، 1392.

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रोज़े की सुन्नतें

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