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तशरीह के साथ हदीसें

सुबह होने से पहले वित्र की नमाज़ पढ़ लो।

عن أبي سعيد الخدري رضي الله عنه أن النبي صلى الله عليه وسلم قال: «أَوْتِرُوا قبل أن تُصبحِوُا».
अबू सईद खुदरी -रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : “सुबह होने से पहले वित्र की नमाज़ पढ़ लो।”
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह

वित्र, रात की नमाज़ का एक भाग है और इसी से रात की नमाज़ का समापन होता है, जैसे कि दिन की नमाज़ का समापन मग़्रिब से होता है। यह हदीस बाताती है कि वित्र का समय फ़ज्र-ए-सादिक़ से पहले तक रहता है।

हवाला

صحيح مسلم، المحقق: محمد فؤاد عبد الباقي - الناشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت. تسهيل الإلمام بفقه الأحاديث من بلوغ المرام، للحافظ أحمد بن علي بن حجر العسقلاني، شرحه الشيخ د. صالح بن فوزان الفوزان، اعتنى بإخراجه: عبد السلام السليمان، ط 1 ، 1427هـ - 2006م. توضيح الأحكام من بلوغ المرام، لعبدالله بن عبد الرحمن البسام، مكتبة الأسدي، مكة، ط الخامسة 1423هـ.

यह हदीस HadeethEnc.com पर
रात की नमाज़

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com