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तशरीह के साथ हदीसें

एक रात नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने सारी रात एक आयत को ही निरंतर पढ़ते हुए क़्याम किया।

عن عائشة رضي الله عنها ، قالت: «قامَ النبي صلى الله عليه وسلم بآيةٍ مِنَ القرآن ليلةً».
आयशा- रज़ियल्लाहु अन्हा- से रिवायत है, उन्होंने फरमाया किः नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने एक बार सारी रात एक आयत को ही निरंतर पढ़ते हुए क़्याम किया।
इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला

- سنن الترمذي، نشر: شركة مكتبة ومطبعة مصطفى البابي الحلبي – مصر، الطبعة: الثانية، 1395هـ - 1975م. - مختصر الشمائل المحمدية، للألباني، نشر: المكتبة الإسلامية – عمان – الأردن. - تحفة الأحوذي بشرح جامع الترمذي, أبو العلا محمد عبد الرحمن بن عبد الرحيم المباركفورى, دار الكتب العلمية - بيروت. - شرح سنن النسائي المسمى «ذخيرة العقبى في شرح المجتبى»، المؤلف: محمد بن علي بن آدم الإثيوبي الوَلَّوِي، الناشر: دار المعراج الدولية للنشر - دار آل بروم للنشر والتوزيع, الطبعة الأولى, 1416- 1424.

यह हदीस HadeethEnc.com पर
रात की नमाज़

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com