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तशरीह के साथ हदीसें

अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- उमामा बिंत ज़ैनब (अपनी नातिन) को उठाए हुए नमाज़ पढ़ लेते थे।

عن أبي قَتَادَةَ الأَنْصَارِيِّ رضي الله عنه قال: «أن رسول الله صلى الله عليه وسلم كان يُصَلِّي وهو حامل أُمَامَةَ بنت زينب بنت رسول الله صلى الله عليه وسلم ». ولأبي العاص بن الربيع بن عبد شَمْسٍ رضي الله عنه : «فإذا سجد وضعها، وإذا قام حملها».
अबू क़तादा- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- उमामा बिंत ज़ैनब (अपनी नातिन) को उठाए हुए नमाज़ पढ़ लेते थे। और अबुल-आस बिन रबी बिन अब्दे शम्स- रज़ियल्लाहु अन्हु- की रिवायत में है कि जब सजदे में जाते तो उन्हें रख देते और जब खड़े होते तो उठा लेते।
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) अपनी नवासी उमामा बिंत ज़ैनब को नमाज़ की हालत में उठा लेते थे। जब खड़े होते तो अपने कंधे पर उठा लेते और जब रुकू या सजदा करते तो ज़मीन में रख देते।

हवाला

تيسير العلام للبسام الناشر: مكتبة الصحابة، الأمارات - مكتبة التابعين، القاهرة الطبعة- العاشرة، 1426 هـ - 2006 م . تنبيه الأفهام للعثيمين -طبعة مكتبة الصحابة الامارات - مكتبة التابعين- القاهرة- الطبعة الأولى 1426. صحيح البخاري -أبو عبد الله محمد بن إسماعيل بن إبراهيم بن المغيرة الجعفي البخاري، تحقيق محمد زهير بن ناصر الناصر - الناشر : دار طوق النجاة -الطبعة : الأولى 1422هـ. صحيح مسلم المحقق: محمد فؤاد عبد الباقي - الناشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت. تأسيس الأحكام -أحمد بن يحيى النجمي- دار المنهاج- القاهرة- مصر -الطبعة الأولى.

यह हदीस HadeethEnc.com पर
नमाज़ का तरीक़ा

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अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- उमामा बिंत ज़ैनब (अपनी नातिन) को उठाए हुए नमाज़ पढ़ लेते थे। · तशरीह के साथ हदीसें · सबील