अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम नमाज़ में यह पाँच चीज़ें माँगा करते थे, जिनकी एक मुसलमान को बड़ी ज़रूरत होती है और जिनके अंदर दुनिया एवं आख़िरत दोनों की भलाइयाँ सिमट आई हैं। आप अल्लाह से गुनाहों पर पर्दा डालने और उन्हें माफ़ करने, अपने ऊपर रहमत की वर्षा बरसाने तथा संदेहों, ग़लत आकांक्षाओं एवं बीमारियों से सुरक्षित रखने, सत्य के मार्ग पर चलाने और उसपर दृढ़ता से क़ायम रखने और ज्ञान, अच्छा कर्म करने का सुयोग एवं हलाल एवं साफ़-सुथरा धन प्रदान करने की दुआ करते थे।
- दो सजदों के बीच के बैठक में यह दुआ पढ़नी चाहिए।
- इन दुआओं की फ़ज़ीलत, जिनमें दुनिया एवं आख़िरत की भलाइयाँ मौजूद हैं।
سنن أبي داود (2/ 138) (850). سنن الترمذي (1/ 317) (284). سنن ابن ماجه (2/ 64) (898). مسند أحمد (5/ 72) (2895). مشكاة المصابيح، للتبريزي (1/ 283). سبل السلام شرح بلوغ المرام، لمحمد الصنعاني (1/ 274). توضيح الأحكام مِن بلوغ المرام، لعبد الله البسام (2/ 240).