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तशरीह के साथ हदीसें

“अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम एक साअ से पाँच मुद तक पानी से स्नान करते और एक मुद पानी से वज़ू करते थे।”

عَنْ أَنَسٍ رضي الله عنه قَالَ: كَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَغْسِلُ، أَوْ كَانَ يَغْتَسِلُ، بِالصَّاعِ إِلَى خَمْسَةِ أَمْدَادٍ، وَيَتَوَضَّأُ بِالْمُدِّ.
अनस रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं : “अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम एक साअ से पाँच मुद तक पानी से स्नान करते और एक मुद पानी से वज़ू करते थे।”
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया हैदर्जास़ह़ीह़
तशरीह

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जनाबत का स्नान एक साअ से पाँच मुद और वज़ू एक मुद पानी से कर लिया करते थे। साअ चार मुद का होता है और मुद एक मध्यम शरीर वाले इन्सान की दोनों हथेलियों भर का होता है।

फ़ायदे
  1. यह हदीस वज़ू तथा स्नान करते समय पानी बचाने और ज़रूरत से अधिक पानी खर्च करने से मना करती है, चाहे पानी उपलब्ध ही क्यों न हो।
  2. वज़ू और स्नान करते समय आवश्यकता अनुसार और कम से कम पानी का प्रयोग करना मुसतहब है, और यही अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का तरीक़ा है।
  3. इस हदीस का उद्देश्य वज़ू और स्नान की सुन्नतों तथा आदाब का ख़्याल रखते हुए, पानी के इस्तेमाल में फ़ुज़ूलखर्ची और कंजूसी किए बिना, समय और पानी की उपलब्धता एवं अनुपलब्धता को ध्यान में रखते हुए, वज़ू एवं स्नान करने के कार्य संपूर्ण रूप से संपन्न कराना है।
  4. अरबी शब्द जनाबत का प्रयोग हर उस व्यक्ति के लिए होता है, जिसने वीर्य स्खलन या संभोग किया हो। जनाबत को जनाबत इसलिए कहा जाता है कि इस अवस्था में इन्सान पाक हो जाने तक नमाज़ और इबादतों से दूर रहता है।
  5. सा एक प्रसिद्ध मापक पात्र है। यहाँ मुराद सा-ए-नबवी है, जिसका वज़न उत्कृष्ट प्रकार के गेहूँ का 480 मिस्क़ाल और लीटर में तीन लीटर है।
  6. मुद एक शरई माप एकाई है। इससे मुराद एक सामान्य शरीर वाले इन्सान की दोनों हथेलियों भर चीज़ है, जब उनको पूरा फैलाकर भरा जाए। मुद एक चौथाई साअ् है, इसपर सारे फ़क़ीह एकमत हैं। इसकी मात्रा 750 मिलीलीटर होती है।
हवाला

صحيح البخاري (1/ 51) (201). صحيح مسلم (1/ 258) (325). توضيح الأحكام، للبسام (1/ 250). سُبل السلام، للصنعاني (1/ 79 ). فتح ذي الجلال والإكرام، لابن عثيمين (1/ 212). منحة العلَّام، لعبد الله الفوزان (1/ 186). منار القاري شرح مختصر صحيح البخاري، لحمزة قاسم (1/ 272). تحقيق مقدار المد والصاع النبوي، للدكتور عبدالمحسن القاسم

यह हदीस HadeethEnc.com पर
वज़ू की सुन्नतें तथा आदाब

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com