जो अच्छी तरह वज़ू करता है, उसके जिस्म से पाप निकल जाते हैं, यहाँ तक कि नाख़ून के नीचे से भी निकल जाते हैं।
عن عثمان بن عفان رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: «مَنْ تَوَضَّأَ فَأَحْسَنَ الْوُضُوءَ خَرَجَتْ خَطَايَاهُ مِنْ جَسَدِهِ حَتَّى تَخْرُجَ مِنْ تَحْتِ أَظْفَارِهِ».
उसमान बिन अफ़्फ़ान रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "जो अच्छी तरह वज़ू करता है, उसके जिस्म से पाप निकल जाते हैं, यहाँ तक कि नाख़ून के नीचे से भी निकल जाते हैं।"
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया हैदर्जास़ह़ीह़
तशरीह
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि जो वज़ू की सुन्नतों और आदाब का ख़्याल रखते हुए वज़ू करता है, तो इसके नतीजे में उसके गुनाह धो दिए जाते हैं। यहाँ तक कि उसके हाथ तथा पैरों के नाखूनों के नीचे से भी गुनाह निकल जाते हैं।
फ़ायदे
वज़ू, उसकी सुन्नतों और आदाब को सीखने तथा उनपर अमल करने की प्रेरणा।
वज़ू की फ़ज़ीलत तथा उसका छोटे गुनाहों को मिटा दिए जाने का सबब होना। रही बात बड़े गुनाहों की, तो उनके लिए तौबा ज़रूरी है।
गुनाहों के निकलने के लिए शर्त यह है कि वज़ू को अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के बताए हुए तरीक़े के मुताबिक़ संपूर्ण तरीक़े से किया जाए और उसमें कोई कमी रहने न दिया जाए।
इस हदीस में गुनाहों की माफ़ी की बात कबीरा गुनाहों से बचने और उनसे तौबा करने के साथ जुड़ी हुई है। उच्च एवं महान अल्लाह ने कहा है : "यदि तुम, उन बड़े पापों से बचते रहे, जिनसे तुम्हें रोका जा रहा है, तो हम तुम्हारे (छोटे) गुनाहों को क्षमा कर देंगे।" [सूरा अल-निसा : 31]
हवाला
صحيح مسلم (1/ 216) (245).
شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين (5/ 9).
نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمصطفى الخِن وغيره (2/ 763).
بهجة الناظرين، سليم الهلالي (2/ 247).
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com