मिसवाक (दातून) मुँह को साफ़ करने वाली और अल्लाह को प्रसन्न करने वाली वस्तु है।
عن عائشة رضي الله عنها قالت: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: «السِّوَاكُ مَطْهَرَةٌ لِلْفَمِ، مَرْضَاةٌ لِلرَّبِّ».
आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है, वह कहती हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "मिसवाक (दातून) मुँह को साफ़ करने वाली और अल्लाह को प्रसन्न करने वाली वस्तु है।"
इसे नसई और अह़मद ने रिवायत किया हैदर्जास़ह़ीह़
तशरीह
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि पीलू के पेड़ आदि की शाखा से दाँतों को साफ़ करना, मुँह को गंदगियों तथा दुर्गंध से बचाता है और इससे बंदे को अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त होती है। क्योंकि यह एक तो अल्लाह के आदेश का अनुपालन है और दूसरा इससे स्वच्छता प्राप्त होती है जो अल्लाह को पसंद है।
फ़ायदे
मिस्वाक करने की फ़ज़ीलत तथा अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम द्वारा उम्मत को अधिक से अधिक मिस्वाक करने की प्रेरणा।
बेहतर यह है कि मिस्वाक पीलू पेड़ की शाखा से किया जाए। उसके स्थान पर ब्रश तथा टूथ पेस्ट का इस्तेमाल भी पर्याप्त है।
हवाला
سنن النسائي (1/ 10) (5).
مسند أحمد (40/ 240) (24203).
بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، لسليم الهلالي (2/ 342).
نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمصطفى الخِن وغيره (2/ 852).
تطريز رياض الصالحين، لفيصل آل مبارك (ص675).
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com