अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से पूछा गया कि वह पानी पाक है या नहीं, जिसपर चौपाये और दरिंदे पानी पीने आदि के लिए आते-जाते रहते हों, तो आपने जवाब दिया कि जब पानी दो बड़े-बड़े घड़ों के बराबर हो जाए, जो आज के हिसाब से 210 लीटर होता है, तो वह ज़्यादा पानी है और वह नापाक नहीं होता। यह और बात है कि कोई नापाक चीज़ मिलने के कारण उसके रंग या स्वाद या गंध में से कोई विशेषता बदल जाए, तो नापाक हो जाएगा।
- कोई नापाक वस्तु मिलने के कारण पानी के रंग या स्वाद या गंध में से कोई एक विशेषता बदल जाए, तो वह नापाक हो जाता है। इस हदीस में जो बात कही है, वह आम हालात को ध्यान में रखकर कही गई है, कोई निश्चित बात नहीं।
- उलेमा इस बात पर एकमत हैं कि अगर कोई नापाक चीज़ पानी को बदल दे, तो पानी नापाक हो जाएगा, कम हो कि ज़्यादा।
سنن أبي داود (1/ 46) (63). سنن الترمذي (1/ 109) (67). سنن النسائي (1/ 46) (52). سنن ابن ماجه (1/ 324) (517). مسند أحمد (8/ 211) (4605). توضيح الأحكام، للبسام (1/ 121). فتح ذي الجلال والإكرام بشرح بلوغ المرام، لابن عثيمين (1/ 67). منحة العلام، لعبد الله الفوزان (1/ 35).