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तशरीह के साथ हदीसें

आयशा- रज़ियल्लाहु अन्हा- से प्रश्न किया गया कि अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- अपने घर में क्या करते थे? उन्होंने उत्तर दिया किः आप भी मनुष्यों के समान एक मनुष्य थे, कपड़ों से जूंए निकालते, बकरी दूहते तथा अपने काम स्वयं करते।

عن عائشة رضي الله عنها ، أنها سُئلتْ ما كان رسول الله صلى الله عليه وسلم يَعْمل في بيته؟ قالت: «كان بشرًا مِن البشر يَفْلي ثوبَه، ويَحْلِب شاتَه، ويَخْدِم نفْسَه».
आयशा- रज़ियल्लाहु अन्हा- से वर्णित है कि उन से प्रश्न किया गया कि अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- अपने घर में क्या करते थे? उन्होंने उत्तर दिया कि आप भी मनुष्यों के समान एक मनुष्य थे, कपड़ों से जूंए निकालते, बकरी दूहते तथा अपने काम स्वयं करते।
इसे अह़मद ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह

अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की पत्नी आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- से पूछा गया कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- घर में क्या करते थे? उन्होंने उत्तर दिया कि आप भी अन्य इन्सानों की तरह एक इन्सान थे। कपड़े से जूएँ और अन्य कष्टदायक चीज़ों को निकालते, बकरी दूहते और अपने काम खुद कर लेते। दरअसल आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- ने इन कामों का ज़िक्र उदाहरण के तौर पर किया है।

हवाला

- مسند الإمام أحمد بن حنبل، تحقيق: شعيب الأرنؤوط - عادل مرشد، وآخرون، نشر: مؤسسة الرسالة، الطبعة: الأولى، 1421هـ - 2001م. - مرقاة المفاتيح شرح مشكاة المصابيح، لعلي بن سلطان الملا الهروي القاري، الناشر: دار الفكر، بيروت – لبنان، الطبعة: الأولى، 1422هـ - 2002م. - سلسلة الأحاديث الصحيحة وشيء من فقهها وفوائدها، تأليف محمد ناصر الدين الألباني، الناشر: مكتبة المعارف للنشر والتوزيع، الرياض، الطبعة: الأولى، لمكتبة المعارف. - طرح التثريب في شرح التقريب, أبو الفضل زين الدين عبد الرحيم بن الحسين العراقي الطبعة المصرية القديمة. - فيض القدير شرح الجامع الصغير, زين الدين محمد المدعو بعبد الرؤوف بن تاج العارفين بن علي بن زين العابدين الحدادي ثم المناوي القاهري , الناشر: المكتبة التجارية الكبرى - مصر, الطبعة: الأولى، 1356.

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आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की पत्नियाँ और आपके घर के हालात

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com