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तशरीह के साथ हदीसें

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़माने में कुछ लोगों की पकड़ वह्य (प्रकाशना) द्वारा हो जाती थी। परन्तु, अब वह्य का सिलसिला बंद हो चुका है। अब हम तुम्हारी पकड़ तुम्हारे उन कर्मों के आधार पर करेंगे, जो हमें नज़र आएँगे। अतः, जो हमें अच्छाई दिखाएगा, हम उसपर विश्वास करेंगे और अपने करीब करेंगे। उसके दिल में क्या है, हमें इससे कोई मतलब नहीं है। उसके दिल के अंदर छिपी बातों का हिसाब अल्लाह लेगा। तथा जो हमें बुराई दिखाएगा, हम उसपर विश्वास नहीं करेंगे और उसकी बातों की पुष्टि नहीं करेंगे।

عن عبد الله بن عتبة بن مسعود، قال: سمعت عمر بن الخطاب رضي الله عنه يقول: إن ناسا كانوا يُؤْخَذُونَ بالوحي في عهد رسول الله صلى الله عليه وسلم وإن الوحي قد انقطع، وإنما نأخذكم الآن بما ظهر لنا من أعمالكم، فمن أظهر لنا خيرًا أَمَّنَّاهُ وقَرَّبْنَاهُ، وليس لنا من سريرته شيء، الله يحاسبه في سريرته، ومن أظهر لنا سوءًا لم نأمنه ولم نصدقه وإن قال: إن سريرته حسنة.
अब्दुल्लाह बिन उतबा बिन मसऊद- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि मैंने उमर बिन ख़त्ताब- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- को कहते हुए सुना, वे कह रहे थे कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़माने में कुछ लोगों की पकड़ वह्य (प्रकाशना) से हो जाती थी। परन्तु, अब वह्य का सिलसिला बंद हो चुका है। अब हम तुम्हारी पकड़ तुम्हारे उन कर्मों के आधार पर करेंगे, जो हमें नज़र आएँगे। अतः, जो हमें अच्छाई दिखाएगा, हम उसपर विश्वास करेंगे और अपने करीब करेंगे। उसके दिल में क्या है, हमें इससे कोई मतलब नहीं है। उसके दिल के अंदर छिपी बातों का हिसाब अल्लाह लेगा। तथा जो हमें बुराई दिखाएगा, हम उसपर विश्वास नहीं करेंगे और उसकी बातों की पुष्टि नहीं करेंगे, चाहे वह कहता हो कि उसकी नीयत ठीक है।
इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला

- صحيح البخاري -للإمام أبي عبد الله محمد بن إسماعيل البخاري، عناية محمد زهير الناصر، دار طوق النجاة، الطبعة الأولى، 1422هـ. - نزهة المتقين بشرح رياض الصالحين/ تأليف مصطفى سعيد الخن-مصطفى البغا-محي الدين مستو-علي الشربجي-محمد أمين لطفي-مؤسسة الرسالة-بيروت –لبنان-الطبعة الرابعة عشرة1407. - بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين – سليم بن عيد الهلالي دار ابن الجوزي –الطبعة الأولى 1418. - دليل الفالحين لطرق رياض الصالحين - محمد علي بن محمد بن علان الصديقي-اعتنى بها: خليل مأمون شيحا-دار المعرفة للطباعة والنشر والتوزيع، بيروت – لبنان-الطبعة: الرابعة، 1425 هـ - 2004 م.

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यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com