सीधे कंटेंट पर जाएँ
तशरीह के साथ हदीसें

जो भी प्राणी अत्याचारपूर्ण तरीक़े से मारा जाता है, उसके क़त्ल के गुनाह का एक भाग आदम के पहले बेटे के हिस्से में जाता है। क्योंकि उसीने सबसे पहले नाहक़ कत्ल का तरीक़ा जारी किया।

عن عبد الله بن مسعود رضي الله عنه مرفوعًا: «ليس مِنْ نَفْسٍ تُقْتَلُ ظُلماً إِلاَّ كَان على ابنِ آدَمَ الأَوَّل كِفْلٌ مِن دمِهَا؛ لِأَنَّه كان أوَّل مَن سَنَّ القَتْلَ».
अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ियल्लाहु अंहु) रिवायत करते हैं कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "जो भी प्राणी अत्याचारपूर्ण तरीक़े से मारा जाता है, उसके क़त्ल के गुनाह का एक भाग आदम के पहले बेटे के हिस्से में जाता है। क्योंकि उसीने सबसे पहले नाहक़ कत्ल का तरीक़ा जारी किया।"
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह

यह हदीस बता रही है कि क्यों आदम के एक बेटे को, उसके बाद बहाए जाने वाले हर रक्त के गुनाह का एक भाग उठाना पड़ता है? कहा जाता है कि क़ाबील ने अपने भाई हाबील का द्वेषपूर्ण तरीक़े से वध कर दिया था और वही दोनों भाई आदम की संतान के पहले हत्यारे और पहले हत्या की भेंट चढ़ने वाले थे। चूँकि क़ाबील ने ही किसी की जान लेने की प्रथा की शुरूआत की थी, इसलिए वह अपने बाद बहाए जाने वाले हर रक्त के गुनाह के एक भाग का भागीदार होगा। क्योंकि उसके बाद रक्त बहाने वाला हर व्यक्ति उसी का अनुसरण कर रहा होता है।

हवाला

تطريز رياض الصالحين، فيصل بن عبد العزيز المبارك، تحقيق: عبد العزيز بن عبد الله آل حمد، دار العاصمة للنشر والتوزيع، الرياض، الطبعة: الأولى 1423هـ، 2002م. دليل الفالحين لطرق رياض الصالحين، محمد علي بن البكري بن علان، اعتنى بها: خليل مأمون شيحا، دار المعرفة، بيروت، الطبعة: الرابعة 1425هـ. رياض الصالحين من كلام سيد المرسلين، أبو زكريا محيي الدين النووي، تحقيق ماهر الفحل، دار ابن كثير، دمشق، بيروت، الطبعة: الأولى 1428هـ. كنوز رياض الصالحين، مجموعة من الباحثين برئاسة حمد بن ناصر العمار، كنوز إشبيليا، الرياض، الطبعة: الأولى 1430هـ. صحيح البخاري، محمد بن إسماعيل البخاري الجعفي، تحقيق: محمد زهير الناصر، دار طوق النجاة (مصورة عن السلطانية بإضافة ترقيم: محمد فؤاد عبد الباقي)، الطبعة: الأولى 1422هـ. صحيح مسلم، مسلم بن الحجاج القشيري النيسابوري، تحقيق محمد فؤاد عبد الباقي، دار إحياء التراث العربي، بيروت، الطبعة: 1423هـ.

यह हदीस HadeethEnc.com पर
गुनाहों की मज़म्मत

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com