अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने घर में प्रवेश करते समय और खाना खाने से पहले अल्लाह का नाम लेने का आदेश दिया है। जब कोई व्यक्ति घर में प्रवेश करते और खाना खाते समय बिस्मिल्लाह कहता है, तो शैतान अपने सहयोगियों से कहता है कि तुम्हारे लिए इस घर में रात गुज़ारने का स्थान और रात के खाने का प्रबंध नहीं है, क्योंकि घर के मालिक ने तुमसे अल्लाह की शरण ले ली है। इसके विपरीत जब कोई व्यक्ति घर में दाख़िल होता है और घर में दाखिल होते तथा खाना खाते समय अल्लाह का नाम नहीं लेता, तो शैतान अपने सहयोगियों से कहता है कि इस घर में उनके रात गुज़ारने तथा खाने का प्रबंध हो गया है।
- घर में दाखिल होते तथा खाना खाते समय अल्लाह का नाम लेना मुसतहब है। क्योंकि अल्लाह का नाम न लेने पर शैतान घर में रात गुज़ारता है और खाने में शरीक हो जाता है।
- शैतान इन्सान के हर काम को ध्यान से देखता रहता है और जैसे ही इन्सान अल्लाह के नाम से ग़ाफ़िल होता है, उसकी मुराद पूरी हो जाती है।
- अल्लाह का ज़िक्र शैतान को भगाता है।
- हर शैतान के कुछ अनुसरणकारी तथा सहयोगी होते हैं, जो उसकी बात से खुश होते और उसके आदेश का पालन करते हैं।
صحيح مسلم (3/ 1598) (2018). بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، لسليم الهلالي (2/ 50). تطريز رياض الصالحين، لفيصل المبارك (ص467). شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين (4/ 190). نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (1/ 700).