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तशरीह के साथ हदीसें

बेशक अल्लाह तआला उन लोगों को -क़यामत के दिन- यातना देगा जो दुनिया में लोगों को यातना देते हैं

عَنْ هِشَامِ بْنِ حَكِيمِ بْنِ حِزَامٍ رَضيَ اللهُ عنهما أَنَّهُ مَرَّ عَلَى أُنَاسٍ مِنَ الْأَنْبَاطِ بِالشَّامِ، قَدْ أُقِيمُوا فِي الشَّمْسِ، فَقَالَ: مَا شَأْنُهُمْ؟ قَالُوا: حُبِسُوا فِي الْجِزْيَةِ، فَقَالَ هِشَامٌ: أَشْهَدُ لَسَمِعْتُ رَسُولَ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ: «إِنَّ اللهَ يُعَذِّبُ الَّذِينَ يُعَذِّبُونَ النَّاسَ فِي الدُّنْيَا».
हिशाम बिन हकीम बिन हिज़ाम (रज़ियल्लाहु अनहुमा) से वर्णित है कि वह शाम में कुछ नब्तियों के पास से गुज़रे, जिन्हें धूप में खड़ा किया गया था और उनके सिरों पर तेल डाला गया था। तो उन्होंने कहा: यह क्या है? कहा गया: टैक्स न देने के कारण सज़ा दी जा रही है। तो हिशाम ने कहा: मैं गवाही देता हूँ कि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को फ़रमाते हुए सुना है: बेशक अल्लाह तआला उन लोगों को -क़यामत के दिन- यातना देगा जो दुनिया में लोगों को यातना देते हैं। फिर वहाँ के मेयर के पास गए और उनसे बात की, तो उसने उन्हें छोड़ने का आदेश दिया।
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला

صحيح مسلم (4/ 2018) (2613). نزهة المتقين، لمجموعة من الباحثين (2/ 1103). كنوز رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (19/ 108). بهجة الناظرين، لسليم الهلالي (3/ 117). مرقاة المفاتيح شرح مشكاة المصابيح، لعلي القاري (6/ 2301). شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين (6/ 295).

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कुत्सित आचरण

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com