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तशरीह के साथ हदीसें

जिसने ऐसा ज्ञान प्राप्त किया, जिससे अल्लाह की खुशी प्राप्त की जाती है

عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضيَ اللهُ عنه قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «مَنْ تَعَلَّمَ عِلْمًا مِمَّا يُبْتَغَى بِهِ وَجْهُ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ لَا يَتَعَلَّمُهُ إِلَّا لِيُصِيبَ بِهِ عَرَضًا مِنَ الدُّنْيَا لَمْ يَجِدْ عَرْفَ الْجَنَّةِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ» يَعْنِي رِيحَهَا.
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अनहु) से वर्णित है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः जिसने ऐसा ज्ञान प्राप्त किया, जिससे अल्लाह की खुशी प्राप्त की जाती है और वह इसे केवल दुनिया प्राप्त करने के लिए सीखता है, तो वह क़यामत के दिन जन्नत की खुश्बू तक नहीं पाएगा।
इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला

سنن أبي داود (5/ 504) (3664). سنن ابن ماجه (1/ 169) (252). مسند أحمد (14/ 169) (8457). شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين (2/ 477). كنوز رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (16/ 507). نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (2/ 957). بهجة الناظرين، لسليم الهلالي (2/ 447). عون المعبود شرح سنن أبي داود، العظيم آبادي (10/ 70). حاشية السندي على سنن ابن ماجه، لمحمد التتوي (1/ 110).

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कुत्सित आचरण

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