सीधे कंटेंट पर जाएँ
तशरीह के साथ हदीसें

तुम्हारे अंदर सबसे अच्छा व्यक्ति वह है, जिसका आचरण सबसे अच्छा है।

عن عبد الله بن عمرو رضي الله عنهما قال: لَمْ يَكُنِ النَّبِيُّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَاحِشًا وَلَا مُتَفَحِّشًا، وَكَانَ يَقُولُ: «إِنَّ مِنْ خِيَارِكُمْ أَحْسَنَكُمْ أَخْلَاقًا».
अब्दुल्लाह बिन अम्र रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है, उन्होंने कहा : अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम न तो अश्लील थे और न गंदी बातें और गंदे कार्य किया करते थे। आप फ़रमाया करते थे : "तुम्हारे अंदर सबसे अच्छा व्यक्ति वह है, जिसका आचरण सबसे अच्छा है।"
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया हैदर्जास़ह़ीह़
तशरीह

बुरी बात करना या बुरा कार्य करना अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के आचरण का हिस्सा नहीं था। आप ऐसा करने का या कहने का सोचते भी नहीं थे। आप महान आचरण के मालिक थे। आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम कहा करते थे : अल्लाह के निकट तुममें से सबसे अच्छा व्यक्ति वह है, जो सबसे अच्छे आचरण का मालिक हो। यानी वह लोगों का भला करता हो, हँसकर मिलता हो, किसी को कष्ट न देता हो, कोई कष्ट दे तो सहन कर लेता हो और लोगों से अच्छी तरह मेल-जोल रखता हो।

फ़ायदे
  1. मोमिन पर बुरी बात तथा बुरे कार्य से दूर रहना ज़रूरी है।
  2. अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम आदर्श आचरण के मालिक थे। आप केवल अच्छे कार्य करते और अच्छी बात ही कहते थे।
  3. इन्सान को अच्छे आचरण के मामले में एक-दूसरे से आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। जो इस मैदान में आगे बढ़ गया, वह सबसे उत्तम तथा सबसे ईमान वाला मोमिन बन गया।
हवाला

صحيح البخاري (4/ 189) (3559). صحيح مسلم (4/ 1810) (2321). بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، لسليم الهلالي (1/ 672). تطريز رياض الصالحين، لفيصل آل مبارك (ص410).

यह हदीस HadeethEnc.com पर
सरहनायोग्य आचरण

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com