अबू दरदा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "कोई भी वस्तु तराज़ू में अच्छे आचरण से ज़्यादा भारी नहीं होगी और अल्लाह ऐसे व्यक्ति से नफ़रत करता है, जो बदज़ुबान और अनर्गल बकने वाला हो।"
इस ह़दीस़ को अबू दावूद और तिर्मिज़ी ने रिवायत किया हैदर्जास़ह़ीह़
तशरीह
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि क़यामत के दिन मोमिन के पलड़े में उसके कथनों एवं कर्मों में सबसे ज़्यादा वज़नी वस्तु होगी, अच्छा आचरण। अच्छे आचरण का अर्थ है, हँसकर मिलना, तकलीफ देने से बचना और भला करना। अल्लाह बुरा काम करने वाले, बुरी बात कहने वाले और बद-ज़बानी करने वाले इन्सान से नफ़रत करता है।
फ़ायदे
अच्छे आचरण का महत्व, क्योंकि अच्छे आचरण से अल्लाह एवं उसके बंदों का प्रेम प्राप्त होत है। साथ ही अच्छा आचरण क़यामत के दिन वज़न की जाने वाली सबसे भारी चीज़ होगी।
हवाला
سنن أبي داود (7/ 177) (4799).
سنن الترمذي (3/ 535) (2002).
توضيح الأحكام من بلوغ المرام، لعبد الله البسام (7/ 487).
منحة العلام شرح بلوغ المرام، لعبد الله الفوزان (10/ 264).
بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، لسليم الهلالي (1/ 673).
تطريز رياض الصالحين، لفيصل آل مبارك (ص410).
نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، مجموعة من الباحثين (1/ 526).
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com