सीधे कंटेंट पर जाएँ
तशरीह के साथ हदीसें

न्याय करने वाले सर्वशक्तिमान एवं महान दयावान् (अल्लाह) के दाएँ जानिब, और उसके दोनों हाथ दाएँ हैं

عن عبد الله بن عمرو رضي الله عنهما قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: «إِنَّ الْمُقْسِطِينَ عِنْدَ اللهِ عَلَى مَنَابِرَ مِنْ نُورٍ، عَنْ يَمِينِ الرَّحْمَنِ عَزَّ وَجَلَّ، وَكِلْتَا يَدَيْهِ يَمِينٌ، الَّذِينَ يَعْدِلُونَ فِي حُكْمِهِمْ وَأَهْلِيهِمْ وَمَا وَلُوا».
अब्दुल्लाह बिन अम्र बिन आस रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है, उन्होंने कहा : अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "न्याय करने वाले सर्वशक्तिमान एवं महान दयावान् (अल्लाह) के दाएँ जानिब, और उसके दोनों हाथ दाएँ हैं, प्रकाश के मिंबरों पर होंगे, जो अपने निर्णय में, घर वालों के बीच और उन कामों में जो उन्हें सोंपे जाएँ, न्याय करते हैं।"
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया हैदर्जास़ह़ीह़
तशरीह

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि जो लोग अपने मातहत (अधीन) लोगों तथा घर वालों के बीच एवं अपने फ़ैसलों में न्याय और सत्य के साथ निर्णय करते हैं, व क़यामत के दिन बैठने के ऐसे ऊँचे स्थानों में बैठे होंगे, जो नूर (प्रकाश) से बने होंगे। ये स्थान उनको उनके सम्मान में दिए जाएँगे। ये ऊँचे स्थान दयावान् अल्लाह के दाएँ ओर होंगे। ज्ञात रहे कि अल्लाह के दोनों हाथ दाएँ हैं।

फ़ायदे
  1. न्याय की फ़ज़ीलत तथा न्याय करने की प्रेरणा।
  2. यहाँ न्याय का ज़िक्र व्यापक रूप में हुआ है, जिसके दायरे में तमाम तरह के शासन और लोगों के बीच के निर्णय आ जाते हैं। यहाँ तक कि पत्नियों और बच्चों के बीच न्याय करना भी।
  3. क़यामत के दिन न्यायकारियों के स्थान का बयान।
  4. क़यामत के दिन ईमान वालों को मिलने वाले स्थान उनके कर्मों के अनुसार भिन्न-भिन्न होंगे।
  5. प्रेरणा पद्धति आह्वान की एक पद्धति है, जो सामने वाले व्यक्ति को नेकी के काम करने के लिए प्रेरित करती है।
हवाला

صحيح مسلم (3/ 1458) (1827). نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (1/ 547). تطريز رياض الصالحين، لفيصل المبارك (ص428). كنوز رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (9/ 314). بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، لسليم الهلالي (1/ 710). شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين (3/ 640).

यह हदीस HadeethEnc.com पर
सरहनायोग्य आचरण

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com