अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि जो लोग अपने मातहत (अधीन) लोगों तथा घर वालों के बीच एवं अपने फ़ैसलों में न्याय और सत्य के साथ निर्णय करते हैं, व क़यामत के दिन बैठने के ऐसे ऊँचे स्थानों में बैठे होंगे, जो नूर (प्रकाश) से बने होंगे। ये स्थान उनको उनके सम्मान में दिए जाएँगे। ये ऊँचे स्थान दयावान् अल्लाह के दाएँ ओर होंगे। ज्ञात रहे कि अल्लाह के दोनों हाथ दाएँ हैं।
- न्याय की फ़ज़ीलत तथा न्याय करने की प्रेरणा।
- यहाँ न्याय का ज़िक्र व्यापक रूप में हुआ है, जिसके दायरे में तमाम तरह के शासन और लोगों के बीच के निर्णय आ जाते हैं। यहाँ तक कि पत्नियों और बच्चों के बीच न्याय करना भी।
- क़यामत के दिन न्यायकारियों के स्थान का बयान।
- क़यामत के दिन ईमान वालों को मिलने वाले स्थान उनके कर्मों के अनुसार भिन्न-भिन्न होंगे।
- प्रेरणा पद्धति आह्वान की एक पद्धति है, जो सामने वाले व्यक्ति को नेकी के काम करने के लिए प्रेरित करती है।
صحيح مسلم (3/ 1458) (1827). نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (1/ 547). تطريز رياض الصالحين، لفيصل المبارك (ص428). كنوز رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (9/ 314). بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، لسليم الهلالي (1/ 710). شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين (3/ 640).