अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने किसी के लिए अपमान एवं तिरस्कार की बद-दुआ करते हुए नाक मिट्टी में मिलने तक की बात कह डाली और वह भी यह बात तीन बार कही। किसी ने पूछा कि ऐ अल्लाह के रसूल! यह बद-दुआ आप किसके विरुद्ध फ़रमा रहे हैं? आपने कहा : जिसने अपने माता-पिता या दोनों में से एक को बुढ़ापे में पाया और दोनों की सेवा करके जन्नत में दाख़िल होने का सामान न कर सका। न उनके साथ अच्छा व्यवहार किया और न उनका आज्ञाकारी बना।
- माता-पिता के साथ अच्छा व्यवहार करना ज़रूरी है। उनकी आज्ञा का पालन जन्नत में प्रवेश दिलाएगा। ख़ास तौर से उनके बुढ़ापे एवं निर्बलता की अवस्था में।
- माता-पिता की अवज्ञा बड़ा गुनाह है।
صحيح مسلم (4/ 1978) (2551). بهجة الناظرين، لسليم الهلالي (1/ 394). نزهة المتقين، لمجموعة من الباحثين (1/ 308). فيض القدير شرح الجامع الصغير، زين الدين المناوي (4/ 34). شرح النووي على مسلم، (16/ 108).